प्रयागराज न्यूज डेस्क: एंड्रॉयड पैकेज किट (एपीके) फाइल और फिशिंग लिंक भेजकर खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले साइबर ठग गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। मूल रूप से बिहार के रहने वाले मोनू, साजिद और समीर दिल्ली में रहकर लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहे थे। साइबर थाने की पुलिस ने उनके पास से आठ मोबाइल, सात सिम कार्ड, पांच एटीएम कार्ड और 10 पासबुक बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने विभिन्न राज्यों के कम से कम 15 लोगों को ठगा है।
मामला सिविल लाइंस क्षेत्र के निवासी दुर्गेश प्रताप सिंह से जुड़ा है। कुछ माह पहले उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को State Bank of India की क्रेडिट कार्ड टीम का अधिकारी बताया। आरोपी ने क्रेडिट कार्ड पर बीमा हटाने के नाम पर एक लिंक भेजा। लिंक खोलते ही दुर्गेश के कार्ड से करीब 99 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर हो गए।
पीड़ित की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। जांच साइबर थाने को सौंपी गई। साइबर थाने के इंस्पेक्टर मो. आलमगीर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दिखावे के लिए वेटर का काम करते थे, लेकिन असल में साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप कॉल के जरिए लोगों को जाल में फंसाते थे। वे पीड़ितों के मोबाइल को रिमोट एक्सेस पर लेकर बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे और म्यूल अकाउंट के जरिए पैसे ट्रांसफर करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनू कुमार, मो. साजिद उर्फ गोलू और समीर आलम के रूप में हुई है, जो दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रह रहे थे। पुलिस का दावा है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।