प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में नाबालिग लड़कियों के अंडाणु (ओवा एक्सट्रैक्शन) निकालकर बेचने वाले एक गंभीर रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने चार महिलाओं समेत कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों में एक मां-बेटी, एक आईवीएफ एजेंट महिला और उसका बेटा शामिल हैं। मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने एक नाबालिग लड़की को महंगे मोबाइल और 10 हजार रुपये का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उसे शादीशुदा बताकर एक आईवीएफ सेंटर ले जाया गया, जहां उसका अंडाणु निकाल लिया गया। पीड़ित लड़की की मां ने 6 फरवरी को फाफामऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने पड़ोसी रिंकी, उसकी बेटी पलक उर्फ जोया, सीमा भारती, हिमांशु भारती और कल्पना भारती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इससे पहले की जांच में इस पूरे रैकेट के पीछे एक मुस्लिम महिला की अहम भूमिका भी सामने आई थी, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस इस मामले में तीन अहम एंगल से जांच कर रही है—पहला, अब तक कितनी नाबालिग लड़कियों के अंडाणु इस तरह निकाले गए; दूसरा, क्या इसके पीछे कोई सेक्स रैकेट भी सक्रिय है; और तीसरा, क्या इस पूरे नेटवर्क का संबंध किसी धर्मांतरण गिरोह से भी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।