प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रदेश के नए बजट में प्रयागराज के लिए मेट्रो परियोजना को शामिल किए जाने से शहर में उत्साह का माहौल है। वर्ष 2016 में बमरौली एयरपोर्ट से झूंसी और फाफामऊ से नैनी-छिवकी तक दो कॉरिडोर का डीपीआर तैयार हुआ था, लेकिन पिछले दस वर्षों से योजना फाइलों में ही अटकी थी। अब बजट में इसे स्थान मिलने से उम्मीद जगी है कि परियोजना जमीन पर उतर सकेगी।
धार्मिक पर्यटन के बढ़ते महत्व को देखते हुए प्रयागराज को चित्रकूट से जोड़ने के लिए प्रयागराज-चित्रकूट विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव भी बजट में शामिल है। प्रदेश के विकास प्राधिकरणों की अवसंरचना योजनाओं के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रदेश के 10 शहरों में प्रयागराज भी शामिल है।
महिला सामर्थ्य योजना के अंतर्गत पांच दुग्ध उत्पादक कंपनियों के गठन में प्रयागराज को भी जगह मिली है। दिव्यांगजन कल्याण के लिए 2140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। साथ ही 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना भी बजट में शामिल है।
यूपी एआई मिशन की शुरुआत के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डेटा लैब की स्थापना के लिए 32.82 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और तकनीक आधारित विकास को गति मिलेगी।