नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा रेखा पर अब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) अपनी पूरी ताकत से मोर्चा संभालने को तैयार है। देश की 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की सुरक्षा में अब तक पुरुष कमांडो ही प्रमुख रूप से तैनात रहते थे, लेकिन News24 को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, चीन की सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए जल्द ही महिला कमांडो दस्ते की भी तैनाती की पूरी तैयारी कर ली गई है।
ITBP 10 नई लड़ाकू चौकियां (Forward Posts) स्थापित करने जा रही है, जिनकी सुरक्षा और निगरानी का जिम्मा पूरी तरह से ये विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला कमांडो संभालेंगी। यह फैसला सीमा सुरक्षा में 'नारी शक्ति' की भूमिका को अभूतपूर्व रूप से बढ़ाएगा।
नियंत्रण रेखा पर महिलाओं की 10 अग्रिम चौकियां
ITBP के प्रवक्ता कमलेश कमल ने यह एक्सक्लूसिव जानकारी साझा करते हुए बताया कि दुर्गम और बर्फीली नियंत्रण रेखा पर महिलाओं की ऐसी 10 अग्रिम चौकियां होंगी। इन चौकियों पर तैनात रहकर चौकसी करने के साथ ही ये महिला कमांडो 3,488 किलोमीटर की लंबी नियंत्रण रेखा पर कठिन मार्च (गश्त) भी करेंगी। सुरक्षा के लिहाज से वर्तमान में महिला कमांडो की सटीक संख्या साझा नहीं की गई है। वर्तमान में, लद्दाख के लुकंग और हिमाचल प्रदेश में दो महिला चौकियां स्थापित करने का काम जोर-शोर से चल रहा है। यह महिला कमांडो दल अपनी ताकत और विशेष प्रशिक्षण के दम पर दुश्मन को पल भर में ढेर करने की क्षमता रखता है।
गलवान टकराव के बाद 'फारवर्डाइजेशन प्लान'
उधमपुर में ITBP के 64वें स्थापना दिवस में हिस्सा लेने आए महानिदेशक ने बताया कि 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवान में हुए सैन्य टकराव के बाद 'फारवर्डाइजेशन प्लान' (अग्रिम चौकियों की स्थापना की योजना) शुरू किया गया था। इस योजना के तहत सीमा पर निगरानी क्षमता को कई गुना बढ़ाया गया है।
प्रवक्ता कमल ने बताया कि फारवर्डाइजेशन प्लान के तहत अब तक 215 बॉर्डर आउट पोस्ट (BOPs) स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि पहले ITBP के पास 180 बॉर्डर आउट पोस्ट थीं। उन्होंने कहा कि सात नई बटालियनों और एक सेक्टर मुख्यालय की स्थापना ने इस योजना को मजबूती दी है और अग्रिम मोर्चों पर निगरानी क्षमता भी बढ़ाई है।
जल्द स्थापित होंगी 41 नई चौकियां
प्रवक्ता कमलेश कमल ने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही सीमा पर 41 नए फारवर्ड आउट पोस्ट (FOPs) स्थापित किए जाएंगे। बल की तैयारी को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण संस्थानों को भी पुनर्गठित किया गया है। जवानों के लिए पहाड़ी युद्ध, विपरीत हालात में बचने जैसी कलाओं पर आधारित पाँच नए स्किल माड्यूल प्रशिक्षण में जोड़े गए हैं।
ITBP का गठन देश में सीमा सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए वर्ष 1962 में किया गया था। यह बल गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन कार्य करता है और इसमें एक लाख से अधिक जवान वास्तविक नियंत्रण रेखा की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। ITBP के जवान 9,000 फीट से लेकर 14,000 फीट से अधिक ऊँचाई तक फैली सीमाओं पर ऐसे इलाकों में सुरक्षा संभाल रहे हैं जहाँ मौसम बेहद प्रतिकूल और ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम होता है। महिला कमांडो की तैनाती इस दुर्गम मोर्चे पर देश की सुरक्षा को और भी पुख्ता बनाएगी।