प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में शुक्रवार को फोरम फॉर इक्विटी (समता मंच) और कई छात्र संगठनों ने जातिगत भेदभाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय परिसरों में यूजीसी रेगुलेशन को ‘रोहित एक्ट’ की तर्ज पर लागू करने की मांग उठाई। इस दौरान सीएमपी डिग्री कॉलेज से बालसन चौराहे तक मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन की शुरुआत सीएमपी डिग्री कॉलेज के मुख्य गेट पर आयोजित सभा से हुई। सभा के बाद छात्र और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में बालसन चौराहे पहुंचे, जहां जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा के पास अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया गया।
सभा को संबोधित करते हुए आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसरों में जातिगत भेदभाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी ढंग से पक्ष नहीं रखा, जिसके कारण इस पर रोक लग गई। उनका कहना था कि देशभर में इस फैसले के खिलाफ छात्रों में आक्रोश है और संगठन इसे लागू करने की मांग कर रहे हैं।
सीएमपी कॉलेज के छात्र सद्दाम ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन संविधान के मूल्यों और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए जरूरी था। वहीं आइसा इकाई अध्यक्ष सोनाली यादव ने कहा कि किसी भी समाज में उत्पीड़न और हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती। सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर संदीप विश्वकर्मा और समाजवादी छात्र सभा के रौशन ने भी वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए छात्र आंदोलन जारी रखने की बात कही।