प्रयागराज न्यूज डेस्क: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब प्रयागराज तक महसूस किया जा रहा है। ईरान, इजरायल और यूनाइटेड स्टेट के बीच बढ़ती भू-राजनीतिक खींचतान के चलते भारत में एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। प्रयागराज में Indane के ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में तकनीकी दिक्कतें सामने आने से गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ गई है।
स्थिति को नियंत्रित करने और संभावित कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। अब घरेलू उपभोक्ता 15 दिन की जगह 25 दिन के अंतराल पर ही दूसरा सिलेंडर बुक कर सकेंगे। इसके साथ ही आपूर्ति व्यवस्था में किसी तरह की बाधा या हड़ताल को रोकने के लिए प्रशासन ने एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (एस्मा) लागू कर दिया है, ताकि आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि इंडेन बॉटलिंग प्लांट से आपूर्ति में लगभग 20 प्रतिशत की कटौती की गई है। इसका सबसे ज्यादा असर व्यावसायिक सिलेंडरों पर पड़ा है, जिनकी फिलहाल रिफिलिंग बंद कर दी गई है। इसके कारण होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों और प्राथमिक विद्यालयों के लिए 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति जारी रहेगी।
इसी बीच एलपीजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। घरेलू 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़कर 966 रुपये हो गई है, जबकि 19 किलोग्राम का व्यावसायिक सिलेंडर 114.50 रुपये महंगा होकर 2036.50 रुपये में मिल रहा है। कीमतों में बढ़ोतरी और संभावित किल्लत की आशंका के चलते कई लोग होम डिलीवरी का इंतजार करने के बजाय सीधे ट्रकों से सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई है।
अजय सिंह ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी अपडेट नहीं है, उन्हें गैस बुकिंग में परेशानी हो रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर बुक न करें और घर में पहले से मौजूद सिलेंडर होने पर स्टॉक जमा करने से बचें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।