प्रयागराज न्यूज डेस्क: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसलों की श्रृंखला के तहत ई-बुकलेट का चौथा और पांचवां संस्करण जारी किया है। इन संस्करणों में स्वतंत्रता पूर्व के चर्चित ‘कानपुर बम ब्लास्ट केस’ और ऐतिहासिक ‘राज नारायण बनाम इंदिरा नेहरू गांधी’ मामले के फैसलों का हिंदी अनुवाद प्रकाशित किया गया है। इन ई-बुकलेट्स का विमोचन 20 मई 2026 को एआई असिस्टेड लीगल ट्रांसलेशन एडवाइजरी, ई-एएचसीआर और आईएलआर कमेटी द्वारा किया गया।
चौथे संस्करण में 15 मार्च 1946 को दिए गए ‘कानपुर बम ब्लास्ट केस’ से जुड़े फैसले का हिंदी अनुवाद शामिल है। यह मामला ब्रिटिश शासन के खिलाफ कथित देशद्रोही गतिविधियों और बम विस्फोट की साजिश से संबंधित था। वहीं पांचवें संस्करण में 12 जून 1975 को दिए गए ऐतिहासिक फैसले ‘राज नारायण बनाम इंदिरा नेहरू गांधी’ का हिंदी अनुवाद प्रकाशित किया गया है। इस मामले में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रायबरेली लोकसभा चुनाव को चुनौती दी गई थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सर्वोच्च महत्व रखते हैं और कानून से ऊपर कोई नहीं है।
हाईकोर्ट ने बताया कि इससे पहले ‘चौरी-चौरा केस’, ‘केशव सिंह केस’ और ‘आगरा साजिश केस’ के हिंदी अनुवाद भी प्रकाशित किए जा चुके हैं। अदालत ने कहा कि आने वाले समय में अन्य ऐतिहासिक मामलों के फैसलों का हिंदी अनुवाद भी जारी किया जाएगा, ताकि न्यायिक विरासत को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
हाईकोर्ट के अनुसार इन ई-बुकलेट्स का उद्देश्य न्यायिक इतिहास को शोधकर्ताओं, वकीलों, न्यायिक अधिकारियों, विधि छात्रों और आम जनता के लिए सुलभ बनाना है। यह ई-बुकलेट्स इलाहाबाद हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘ई-एएचसीआर’ टैब में नि:शुल्क उपलब्ध रहेंगी। अदालत ने बताया कि एआई आधारित अनुवाद परियोजना एसयूवीएएस सेल द्वारा इलाहाबाद और लखनऊ में संचालित की जा रही है। अब तक इलाहाबाद हाईकोर्ट के 82 हजार से अधिक और उत्तर प्रदेश से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के 300 से ज्यादा फैसलों का हिंदी अनुवाद किया जा चुका है।