प्रयागराज न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश का प्रयागराज जिला इन दिनों भीषण गर्मी और प्रचंड लू (हीट वेव) की मार झेल रहा है, जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती गर्म हवाओं के कारण हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। आलम यह है कि प्रयागराज इस समय पूरे उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म जिला घोषित हो चुका है, जहां पिछले दो दिनों से अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और गुरुवार को इसके 46.8 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
इस जानलेवा तपन का सीधा असर शहर की रफ्तार पर पड़ रहा है। दोपहर के समय सूरज की तीखी किरणों के चलते सड़कें पूरी तरह सूनी और वीरान नजर आ रही हैं। बेहद जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग गमछा, टोपी और छाते की ओट में खुद को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं, तो वहीं स्कूल-कोचिंग आने-जाने वाले छात्र किताबों से चेहरा ढंककर धूप से बचते नजर आए। आम जनता को इस भीषण गर्मी से थोड़ी राहत देने के लिए प्रयागराज नगर निगम की टीमें शहर की प्रमुख सड़कों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव कर रही हैं। गर्मी का यह सितम बेजुबान जानवरों पर भी है, जिसके चलते पुलिस लाइन स्थित घोड़ों के अस्तबल में विशेष रूप से कूलर-पंखे लगाए गए हैं और घोड़ों को सुबह-शाम नहलाया जा रहा है।
एक तरफ जहां आसमान से आग बरस रही है, वहीं दूसरी तरफ अघोषित बिजली कटौती ने प्रयागराज वासियों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। शहर के तेलियरगंज, गोविंदपुर, सलोरी, कैलाशपुरी, राजापुर और म्योराबाद जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में रात के समय घंटों बिजली गुल रह रही है। इस उमस भरी गर्मी और बिजली संकट से त्रस्त होकर गोविंदपुर और तेलियरगंज के नाराज नागरिकों ने देर रात पावर हाउस का घेराव किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए हीट वेव का अलर्ट जारी करते हुए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मजदूरों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी गई है। इसके साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे हल्के सूती कपड़े पहनें, सिर ढंककर बाहर निकलें और शरीर में पानी की कमी को रोकने के लिए पानी के साथ-साथ छाछ, लस्सी और नींबू-पानी जैसे पेय पदार्थों का निरंतर सेवन करते रहें।