प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज समेत पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मई के महीने में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से शहर मानो आग की भट्टी में तब्दील हो गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं, जबकि जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग चेहरे और शरीर को ढककर ही सफर कर रहे हैं। शहर की सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है और लोग छांव, ठंडे पानी और जूस का सहारा लेकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
भीषण गर्मी का असर धार्मिक स्थलों और संगम क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। आम दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या कम हो गई है। जो लोग संगम पहुंच रहे हैं, वे शाम होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि तपिश कुछ कम हो सके। सूरज की तेज किरणों से सड़कें भी तवे की तरह तप रही हैं। लोगों को राहत देने के लिए नगर निगम द्वारा कई इलाकों में पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
लगातार बढ़ती गर्मी के चलते लोगों को बार-बार प्यास लग रही है और बिजली उपकरण भी जवाब देने लगे हैं। कई इलाकों में कूलर और पंखे भी बेअसर साबित हो रहे हैं। गरीब और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग अपनी झोपड़ियों पर पानी डालकर उन्हें ठंडा रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी राहत की संभावना बेहद कम है और नौतपा की शुरुआत के साथ गर्मी और अधिक बढ़ सकती है।
डॉक्टरों और प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रयागराज इन दिनों देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल हो गया है और भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है।