प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर में बुधवार सुबह जमकर हंगामा हो गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की युवा महिला अधिवक्ता जागृति शुक्ला को सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सो रहे थे और उन्हें जगाने पर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट और हड़ताल तक पहुंच गया।
जागृति शुक्ला हाईकोर्ट की महिला क्रिकेट टीम की सदस्य हैं और सुबह प्रैक्टिस के लिए जा रही थीं। इसी दौरान हाईकोर्ट के पास चौदहों पीर मजार के निकट सड़क दुर्घटना में घायल हो गईं। सूचना मिलने पर उनकी साथी अधिवक्ता नेहा खान, रिया खान, हया रिजवी और कोच दीपांकर समेत अन्य लोग ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। आरोप है कि इलाज में देरी होने पर विरोध किया गया तो डॉक्टरों ने अभद्रता शुरू कर दी।
महिला अधिवक्ताओं का आरोप है कि कुछ डॉक्टरों ने अपने अन्य साथियों को बुलाकर मारपीट की। इस दौरान कैंची और सर्जिकल ब्लेड से हमला करने का भी आरोप लगाया गया है, जिसमें कई लोग घायल हुए। वीडियो बनाने की कोशिश करने पर मोबाइल फोन छीनने और गाली-गलौज करने का आरोप भी लगाया गया। वहीं डॉक्टरों ने भी अपने साथ मारपीट होने की बात कहते हुए अस्पताल में हड़ताल शुरू कर दी।
घटना के बाद ट्रॉमा सेंटर की सेवाएं प्रभावित हो गईं और सुबह से ओपीडी पर्चे बनना बंद हो गए। इससे दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल पहुंचे इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विष्णु पांडे ने डॉक्टरों पर मनमानी और अभद्रता का आरोप लगाते हुए एफआईआर कराने की बात कही। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर वीके पांडे ने कहा कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।