प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में एक जैसे नाम वाले रेलवे स्टेशनों से यात्रियों को होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए अब रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया है। महाकुंभ 2025 के दौरान सामने आई समस्याओं के बाद स्टेशन नाम बदलने की प्रक्रिया पर विचार शुरू किया गया है।
दरअसल, प्रयागराज छिवकी, प्रयागराज रामबाग और प्रयागराज संगम जैसे मिलते-जुलते नामों के कारण बड़ी संख्या में यात्री गलत स्टेशन पर उतर गए थे, जिससे उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस संबंध में डीआरएम रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें स्टेशनों के नए नामों को लेकर सुझाव मांगे गए। अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त सुझावों को संकलित कर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा, ताकि समय रहते नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
रेलवे का उद्देश्य ऐसे नाम तय करना है, जो स्पष्ट, अलग और आसानी से पहचाने जा सकें, जिससे भविष्य में यात्रियों को भ्रम का सामना न करना पड़े। खासतौर पर महाकुंभ 2031 से पहले इस प्रक्रिया को पूरा करने की योजना बनाई जा रही है।
इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया जा चुका है। इलाहाबाद से सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने सुझाव दिया था कि सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर कैंट रेलवे स्टेशन किया जाए।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि नामों में स्पष्टता आने से यात्रियों को सुविधा होगी और बड़े आयोजनों के दौरान होने वाली अव्यवस्था को काफी हद तक रोका जा सकेगा।