प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी से जुड़े हमले के मामले में शनिवार को मेडिकल बोर्ड द्वारा उनका परीक्षण किया गया। उन्हें कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (काल्विन अस्पताल) लाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने नाक, आंख, दांत और अन्य शारीरिक चोटों की विस्तृत जांच की। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन व जांच एजेंसियों को भेजी जा रही है।
मेडिकल बोर्ड में फिजिशियन डॉ. सीपी श्रीवास्तव, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रणधीर सिंह चौहान, नेत्र सर्जन डॉ. राममिलन, ईएनटी सर्जन डॉ. एके जायसवाल, सर्जन डॉ. राजेंद्र सिंह और दंत सर्जन डॉ. मिथिलेश समेत आठ विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल थे। दरअसल आशुतोष ब्रह्मचारी ने 9 मार्च को जिला प्रशासन से दोबारा मेडिकल कराने की मांग की थी, जिसके बाद मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर सीएमओ डॉ. ए.के. तिवारी ने 13 मार्च को मेडिकल बोर्ड का गठन किया था।
गौरतलब है कि 8 मार्च की सुबह रीवा एक्सप्रेस में कौशांबी के सिराथू स्टेशन के पास चलती ट्रेन में उन पर धारदार हथियार से हमला हुआ था। इस हमले में उनके चेहरे, नाक और हाथों पर गंभीर चोटें आई थीं। इस मामले में जीआरपी प्रयागराज थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि हमले के बाद उन्हें आंखों से कम दिखाई दे रहा है, नाक से सांस लेने में दिक्कत हो रही है और सुनने की क्षमता भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और उम्मीद है कि मेडिकल जांच से सच्चाई सामने आएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।