प्रयागराज न्यूज डेस्क: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्रयागराज में आयोजित 'नॉर्थ टेक संगोष्ठी 2026' का दौरा किया। 'रक्षा त्रिवेणी संगम – वेयर टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री एंड सोल्जरिंग कन्वर्ज' विषय पर आधारित इस संगोष्ठी में सेना प्रमुख ने रक्षा नवाचारों और आधुनिक स्वदेशी तकनीकों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने तकनीक, उद्योग और सैन्य क्षमता के मिलन के महत्व को करीब से देखा।
इस भ्रमण के दौरान, सेना प्रमुख को कार्यक्रम में भाग लेने वाले उद्योग भागीदारों द्वारा प्रदर्शित स्वदेशी रक्षा नवाचारों की एक विस्तृत श्रृंखला के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इन प्रदर्शनियों ने रक्षा तकनीक और विनिर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में भारत की बढ़ती क्षमताओं को रेखांकित किया, जो यह दर्शाती हैं कि देश भविष्य के युद्धक्षेत्र की जटिल चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
जनरल द्विवेदी ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' के विजन को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय सेना और स्वदेशी रक्षा उद्योग के बीच चल रहे सहयोगात्मक प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन और बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि भारत की सैन्य शक्ति को और अधिक मजबूत बनाने के लिए निरंतर नवाचार (innovation) और उद्योग जगत के साथ मजबूत साझेदारी अत्यंत आवश्यक है।
यह आयोजन उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए घरेलू तकनीकों और सहयोगी ढांचे का लाभ उठाने की भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य की रक्षा तैयारियों को नई दिशा देने और देश को रक्षा क्षेत्र में स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम हैं।