प्रयागराज न्यूज डेस्क: कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की वजह चालक को आई झपकी बताई जा रही है। इस दर्दनाक दुर्घटना में 10 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों में शामिल शिमला देवी के अनुसार, सभी लोग प्रयागराज में बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए गए थे। बृहस्पतिवार रात 11 बजे कोरवल गांव से निकलकर सुबह संगम पहुंचे, जहां पूजा-पाठ और मुंडन के बाद भोजन कर वापस लौट रहे थे।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आगे चल रहे डंपर की रफ्तार धीमी थी। तेज गति से आ रहा पिकअप ओवरटेक करते समय पीछे से डंपर में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप के परखचे उड़ गए और कई यात्री वाहन के अंदर ही फंस गए।
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही बचाव कार्य शुरू हो चुका था। बाद में घायलों को एंबुलेंस और पुलिस वाहनों से अस्पताल भेजा गया।
दुर्घटनास्थल का मंजर बेहद भयावह था। सड़क पर बच्चों के खिलौने, कपड़े और चप्पलें बिखरी हुई थीं। श्रद्धालुओं द्वारा लाया गया गंगाजल भी सड़क पर फैल गया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई लोग टक्कर के बाद उछलकर सड़क पर गिर पड़े थे।
गंभीर रूप से घायल सात लोगों को एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों में मैकी (60) और संधि देवी (50) के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, पिकअप चालक राजन अपने बेटे शुभम का मुंडन कराने करीब 30 लोगों को लेकर गया था। आशंका है कि देर रात तक जागने और थकान के कारण लौटते समय उसे झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर डंपर से टकरा गया।
यह हादसा खुशियों से भरे एक परिवार के लिए पलभर में मातम में बदल गया। भजन-कीर्तन करते लौट रहे लोग अचानक चीख-पुकार में बदल गए। कई लोग घायल होकर दर्द से कराहते रहे, जबकि कुछ बेहोश हो गए।