प्रयागराज न्यूज डेस्क: पुलिस की जांच में छात्रा की हत्या के पीछे एक सनसनीखेज और सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि वह छात्रा से पीछा छुड़ाने और पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए उसे जान से मारने के इरादे से ले गया था। आरोपी का छात्रा की बुआ के ससुराल में ननिहाल है, जहां करीब नौ महीने पहले दोनों की पहली मुलाकात हुई थी। आरोपी ने दावा किया कि हत्या से चार दिन पहले छात्रा की बहनों ने उसे काफी जलील किया था, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने खौफनाक कदम उठाने का फैसला कर लिया।
साजिश और वारदात का तरीका:
20 अप्रैल की घटना: आरोपी ने एक योजना के तहत छात्रा को उसके स्कूल के बाहर बुलाया।
गुमराह करना: छात्रा को बाइक पर बैठाकर वह काफी देर तक अलग-अलग इलाकों में इधर-उधर घुमाता रहा ताकि किसी को शक न हो।
निर्मम हत्या: अंधेरा होते ही आरोपी उसे सुनसान नहर के किनारे ले गया। वहां मौका मिलते ही उसने पहले छात्रा का गला दबाया और फिर धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया।
मृतका के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस हत्याकांड के पीछे लूटपाट की मंशा भी जताई है। पिता का कहना है कि उनकी बेटी के पास काफी सोने-चांदी के जेवर थे और उन्हें पहले से ही किसी अनहोनी का अंदेशा था। उन्होंने समय रहते पुलिस को आरोपी का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया था, जिस पर एक लड़की से बात भी हुई थी, लेकिन पुलिस की कथित ढिलाई के कारण उनकी बेटी की जान नहीं बच सकी।
बृहस्पतिवार सुबह मऊआइमा पुलिस की सूचना पर जब परिजन एसआरएन (SRN) अस्पताल पहुंचे, तो वहां मिली लाश की शिनाख्त उनकी बेटी के रूप में हुई। छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और जेवर की लूट व हत्या के पहलुओं को जोड़कर मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।