प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज की आकृति शुक्ला ने यूपीपीसीएस परीक्षा में सफलता पाने से पहले दो बार असफलता का सामना किया, जिससे उनका आत्मविश्वास कमजोर पड़ गया था। इसी दौरान उनके भाई अमित की शादी हुई और घर में श्रेया शर्मा का आगमन हुआ, जो खुद भी यूपीपीसीएस की तैयारी कर रही थीं। यहीं से दोनों के संघर्ष ने एक नई दिशा पकड़ ली।
शादी के बाद ननद-भाभी का रिश्ता एक मजबूत साझेदारी में बदल गया। दोनों ने मिलकर पढ़ाई शुरू की—जिस विषय में आकृति कमजोर थीं, उसमें श्रेया ने मदद की और जहां श्रेया को दिक्कत होती, वहां आकृति उनका साथ देतीं। धीरे-धीरे यह साथ एक स्वस्थ प्रतियोगिता में बदल गया, जिसने दोनों को और बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया।
परिवार का सहयोग भी उनकी सफलता की बड़ी वजह बना। माता-पिता ने बहू को बेटी जैसा मानते हुए दोनों को घर के कामों से काफी हद तक मुक्त रखा, ताकि वे पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। इसी सकारात्मक माहौल ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें अपने लक्ष्य के करीब पहुंचाया।
आखिरकार मेहनत रंग लाई और यूपीपीसीएस-2024 के परिणाम में आकृति शुक्ला ने तीसरी रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी का पद पाया, जबकि श्रेया शर्मा ने 37वीं रैंक के साथ कमर्शियल टैक्स ऑफिसर बनकर सफलता हासिल की। आज यह कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि आपसी सहयोग, परिवार के समर्थन और हिम्मत की मिसाल बन गई है।