प्रयागराज न्यूज डेस्क: दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर करछना के पास बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें ट्रेन की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई। यह घटना प्रयागराज के पचदेवरा गांव के समीप तब हुई, जब कालका एक्सप्रेस के लोको पायलट ने पटरी पर एक युवक का शव देखकर ट्रेन रोकी थी। ट्रेन रुकने पर उसमें सवार कुछ यात्री नीचे उतर गए थे, जो दूसरी दिशा से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शाम करीब सवा छह बजे कालका एक्सप्रेस के चालक ने ट्रैक पर बलिराम भगत (36) का शव देखा और कंट्रोल रूम को सूचित करते हुए ट्रेन रोक दी। ट्रेन रुकते ही कौतूहलवश या अन्य कारणों से कई यात्री नीचे पटरी पर उतर आए। तभी दूसरी तरफ से तेज रफ्तार पुरुषोत्तम एक्सप्रेस आ गई। पटरी पर मौजूद लोग जब तक संभल पाते और वापस अपनी ट्रेन में चढ़ते, तब तक चार युवक ट्रेन की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई।
मृतकों में से तीन की शिनाख्त हो गई है, जिनमें बिहार के सिवान निवासी बलिराम भगत, फिरोजाबाद के आकाश (19) और मिर्जापुर के सुनील कुमार (20) शामिल हैं। अन्य दो शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के बयानों में भिन्नता है; कुछ का कहना है कि लोग शव देखने उतरे थे, जबकि कुछ के अनुसार वे लघुशंका के लिए नीचे गए थे। इस हादसे के बाद दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों का आवागमन काफी देर तक बाधित रहा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जीआरपी के आला अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है कि आखिर यात्री ट्रैक पर क्यों उतरे थे और पहली मौत कैसे हुई थी। कोलकाता जा रही आकाश की मां सीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जो अपने बेटे के साथ शादी समारोह में शामिल होने जा रही थीं।