प्रयागराज न्यूज डेस्क: सर्दियों में घना कोहरा अक्सर ट्रेन यात्रा को प्रभावित करता है और कई घंटे देरी का कारण बनता है। लेकिन अब बनारस-प्रयागराज रामबाग रूट पर यात्रियों को राहत मिलने वाली है। शुक्रवार को कोलकाता मेट्रो के प्रमुख सुरक्षा अधिकारी मनीष जैन की टीम ने पूरे रूट का विंडो ट्रेलिंग सेफ्टी ऑडिट किया और ठंड में सुरक्षित और समय पर यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 20 से अधिक सुझाव दिए।
इस ऑडिट के तहत यात्रियों को समय की बचत, दुर्घटना से सुरक्षा और बेहतर स्टेशन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। टीम ने बनारस से विशेष ट्रेन से निरीक्षण शुरू किया। राजातालाब के समपार फाटक 14बी/सी पर सोलर लाइट कमजोर और रिफ्लेक्टर फीके पाए गए। टीम ने 15 दिन में हाई-पावर लाइट और चमकदार स्टिकर लगाने, और गेटमैन को कोहरे में विजिबिलिटी ट्रेनिंग देने का निर्देश दिया।
झूंसी स्टेशन पर फेल-सेफ सिस्टम में खामी मिली। अप लाइन के कर्व 10 पर इंडेंट ज्यादा होने से ट्रैक को री-अलाइन करने और कोहरे में 80 किमी/घंटा की सुरक्षित स्पीड बनाए रखने के निर्देश दिए गए। हंडिया-रामनाथपुर पुल 95 पर ढीले बोल्ट पकड़े गए, जिन्हें टार्क टेस्ट और ट्रैक्शन लाइन मजबूत करने के लिए कहा गया। सात दिन के अंदर सभी सिग्नल-प्वाइंट मशीनों का परीक्षण करने का आदेश भी जारी किया गया। प्रयागराज रामबाग पर भीड़ प्रबंधन कमजोर पाया गया, इसलिए अतिरिक्त गेट, सीसीटीवी और स्टाफ की 15-दिन रिफ्रेशर ट्रेनिंग अनिवार्य की गई।
अपर डीआरएम अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि 15 दिसंबर तक सभी फाटक नई लाइटों से लैस होंगे, 31 दिसंबर तक पुल और ट्रैक की मरम्मत पूरी होगी, और जनवरी से 90% ट्रेनें समय पर चलेंगी। उन्होंने कहा, “अब कोहरा सिर्फ मौसम का हिस्सा रहेगा, यात्रियों के सफर का रोड़ा नहीं।” इससे ठंड के मौसम में भी यात्रियों को सुरक्षित और समय पर यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।