प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के अरैल घाट पर आयोजित बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के तीन दिवसीय हनुमंत कथा महोत्सव का समापन विवादों के साथ हुआ। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथा के अंतिम दिन बाउंसरों द्वारा श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं के साथ बदसलूकी और मारपीट का दावा किया जा रहा है।
वायरल वीडियो में क्या है?
वीडियो में एक महिला अत्यंत आक्रोशित नजर आ रही है और बाउंसरों पर गंभीर आरोप लगा रही है। महिला का कहना है कि उसे हाथ पकड़कर खींचा गया और बैरिकेड्स के नीचे धकेल दिया गया, जिससे उसकी पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट आई है। वीडियो में महिला खुद को हाई कोर्ट की समीक्षा अधिकारी (RO) बता रही है और बाउंसरों को कानूनी अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रही है। महिला के साथ अन्य श्रद्धालु भी सुरक्षाकर्मियों के दुर्व्यवहार की शिकायत करते दिखे।
घटना का संदर्भ:
यह मामला महोत्सव के तीसरे दिन का है जब पंडित धीरेंद्र शास्त्री भक्तों की 'अर्जी' निकाल रहे थे। उस समय पंडाल में हजारों की संख्या में भीड़ मौजूद थी। प्रयाग उत्थान समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के वीवीआईपी पंडाल में प्रवेश को लेकर यह विवाद शुरू हुआ।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष:
एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा:
प्रवेश को लेकर विवाद: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला बिना अनुमति के वीवीआईपी पंडाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी, जिसे सुरक्षा में तैनात बाउंसरों ने रोक दिया।
पहचान की पुष्टि नहीं: वीडियो में खुद को समीक्षा अधिकारी बताने वाली महिला के परिचय या पद की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
कोई औपचारिक शिकायत नहीं: पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो संज्ञान में है, लेकिन अब तक किसी भी पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
कथा स्थल पर महिला पुलिस की मौजूदगी के बावजूद निजी बाउंसरों द्वारा की गई इस कथित धक्का-मुक्की ने आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।