प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में करोड़पति कारोबारी परिवार के चार सदस्यों की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता और बेटी मीनाक्षी की हत्या उनके बड़े बेटे अभिषेक ने अपने दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद दोनों ने घर में रखे करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गहने लूट लिए। हालांकि बाद में गहनों के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी।
पुलिस जांच में सामने आया कि अभिषेक अपने पिता द्वारा संपत्ति से बेदखल किए जाने से नाराज था और आर्थिक तंगी व कर्ज के दबाव में भी था। 31 मई को उसने अपने दोस्त सनी को घर बुलाया और दोनों ने मिलकर पूरे परिवार की हत्या की साजिश रची। सबसे पहले बहन मीनाक्षी पर हमला किया गया, इसके बाद पिता वीरेंद्र वैश्य और मां अनीता की हत्या कर दी गई। वारदात के बाद दोनों ने घर की अलमारी से गहने और कीमती सामान निकाल लिया तथा शवों को रजाई और कंबल से ढक दिया ताकि घटना का खुलासा देर से हो।
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद दोनों नीचे दुकान में पहुंचे, जहां लूटे गए गहनों के बंटवारे को लेकर झगड़ा हो गया। अभिषेक द्वारा तय हिस्से से कम गहने देने की बात कहने पर सनी भड़क गया और उसने लोहे की रॉड से हमला कर अभिषेक की भी हत्या कर दी। इसके बाद उसने दुकान को बाहर से बंद कर दिया और पूरी रात घर में रहकर खून के निशान मिटाने की कोशिश करता रहा। अगले दिन वह गहने लेकर फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर लूटे गए गहने बरामद कर लिए।
हालांकि पुलिस के खुलासे के बावजूद कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। घटनास्थल से बरामद "बंटी, बबली और बहू ने मारा" लिखे गत्ते, खून के धब्बे साफ करने की वजह, पूरी रात घर में आरोपी के मौजूद रहने और करोड़ों की संपत्ति के वारिस द्वारा महज गहनों के लिए परिवार की हत्या करने जैसे पहलुओं को लेकर चर्चा जारी है। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने दावा किया है कि उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपी की निशानदेही के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया गया है, जबकि आगे की जांच में अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी।