प्रयागराज न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और रायबरेली के चार युवा नवोन्मेषकों (Innovators) ने अपनी तकनीक-आधारित तकनीकों और विचारों के बल पर 'सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो' (Samsung Solve for Tomorrow) के पांचवें संस्करण में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 40 (Top 40) में अपनी जगह पक्की की है। सैमसंग और FITT-IIT दिल्ली की साझेदारी में आयोजित यह सीएसआर (CSR) कार्यक्रम 14 से 22 वर्ष के युवाओं को व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करता है।
इस प्रतियोगिता के शीर्ष 40 में आधे से अधिक टीमें टायर-2 और टायर-3 शहरों से चुनी गई हैं, जो दर्शाता है कि भारत के छोटे शहरों से भी नई और प्रभावी तकनीकी सोच निकलकर सामने आ रही है।
उत्तर प्रदेश के युवाओं के नवोन्मेषी समाधान
वाराणसी (अभिनव जायसवाल, 18 वर्ष): दस्तावेज़ साक्षरता (Document Literacy) पर काम कर रहे हैं, ताकि निरक्षर या अर्ध-साक्षर लोग हस्ताक्षर करने से पहले जटिल कानूनी व सरकारी दस्तावेजों को आसानी से समझ सकें।
प्रयागराज (मोहम्मद सरफराज, 19 वर्ष): सघन आबादी वाले भारतीय इलाकों में मकानों के ढांचागत निर्माण, वेंटिलेशन और बेहतर हाउसिंग डिजाइन के लिए एआई (AI) आधारित समाधान विकसित कर रहे हैं।
रायबरेली (अतुल अत्रे, 21 वर्ष और सक्षम श्रेयंस, 20 वर्ष): एन्क्रिप्टेड डेटा और डिजिटल सार्वजनिक सुरक्षा (Digital Public Safety) से जुड़े साइबर सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने वाली तकनीक पर शोध कर रहे हैं।
आगे का सफर और प्रोत्साहन राशि
इन्नोवेशन बूटकैंप: टॉप 40 में जगह बनाने वाली टीमों को FITT-IIT दिल्ली द्वारा 10 दिवसीय इन्नोवेशन बूटकैंप में भाग लेने का मौका मिलेगा। इस दौरान उन्हें सैमसंग आरएंडडी (R&D) सेंटरों का दौरा करने और विशेषज्ञों से मेंटरशिप प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
ग्रांट और इन्क्यूबेशन: प्रतियोगिता के अंत में चुनी जाने वाली 4 विजेता टीमों को अपने आइडिया को बाजार-योग्य उत्पाद में बदलने के लिए सामूहिक रूप से ₹2 करोड़ की इन्क्यूबेशन ग्रांट और FITT-IIT दिल्ली से तकनीकी सहायता दी जाएगी।