प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग का सकारात्मक असर अब सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। यातायात निदेशालय की 'रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन (RTC)' योजना के तहत प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट ने प्रदेश के सभी सात पुलिस कमिश्नरेटों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। मार्च से जून के बीच शहर में ट्रैफिक जाम की घटनाओं में करीब 45 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
आरटीसी योजना के तहत शहर के 10 प्रमुख मार्गों, जिनकी कुल लंबाई करीब 41 किलोमीटर है, पर 24 घंटे एआई और गूगल आधारित रियल-टाइम ट्रैफिक सिस्टम से निगरानी की जा रही है। किसी भी मार्ग पर सामान्य समय से अधिक देरी होने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंचकर जाम हटाने की कार्रवाई करती है। हर दो घंटे में सभी मार्गों की समीक्षा भी की जाती है।
आंकड़ों के मुताबिक मार्च में 1,073 ट्रैफिक जाम की घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो जून में घटकर 591 रह गईं। वहीं जुलाई के शुरुआती चार दिनों में सिर्फ 189 जाम की घटनाएं सामने आईं। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी सुधार देखने को मिला है। जनवरी से जून 2026 के दौरान 15 चिन्हित थानों में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या 187 से घटकर 169 हो गई, जो करीब 9.63 प्रतिशत की कमी है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से लोगों का यात्रा समय कम हुआ है, ईंधन की बचत हो रही है और वाहनों के लंबे समय तक जाम में फंसे रहने की समस्या घटने से वायु प्रदूषण में भी कमी आई है। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए रूट मैपिंग, रूट मार्शल की तैनाती और सड़क सुधार के काम लगातार किए जा रहे हैं।