प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज नगर निगम में किसी बड़े हादसे की जांच कितनी निष्पक्ष होगी, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। खुल्दाबाद जोनल कार्यालय में निर्माणाधीन भवन का पोर्च गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस मामले में जिस सहायक अभियंता पर निर्माण कार्य में लापरवाही के आरोप लगे हैं, उसे ही तीन सदस्यीय जांच कमेटी में शामिल कर लिया गया। ऐसे में जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गुरुवार को खुल्दाबाद जोनल कार्यालय में खसरे की नकल लेने पहुंचे जेके आशियाना निवासी मोहम्मद खुर्शीद की पोर्च गिरने से मौत हो गई थी। घटना के बाद नगर आयुक्त साईं तेजा ने मामले की जांच के लिए अपर नगर आयुक्त राजीव शुक्ला, मुख्य अभियंता दिनेश चंद्र सचान और सहायक अभियंता गिरीश कुमार की तीन सदस्यीय टीम बनाई।
खुल्दाबाद में बन रहे जोनल कार्यालय के भवन की निर्माण गुणवत्ता और दूसरे कामों की निगरानी की जिम्मेदारी सहायक अभियंता गिरीश कुमार के पास थी। आरोप है कि निगरानी में लापरवाही बरती गई और ठेकेदार ने पोर्च का लिंटर डालने के महज 24 घंटे बाद ही शटरिंग हटा दी। इस भवन का निर्माण करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसका ठेका मेसर्स मोहम्मद अलीम को दिया गया है।
जांच कमेटी को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है, लेकिन शुक्रवार शाम चार बजे तक टीम घटनास्थल पर नहीं पहुंची थी। मामले पर उठते सवालों के बीच सहायक नगर आयुक्त राजीव शुक्ला ने कहा कि जांच कमेटी से गिरीश कुमार को हटाकर उनकी जगह किसी दूसरे सहायक अभियंता को शामिल किया जाएगा।