प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट का असर अब भी सामने आ रहा है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसी 16 वर्षीय उर्वशी ने बुधवार तड़के एसआरएन अस्पताल में दम तोड़ दिया। उर्वशी पिछले कुछ समय से वेंटिलेटर पर थी और डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए थे। सुबह करीब 4:05 बजे उसकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती घायलों में मरने वालों की संख्या दो हो गई है।
मंगलवार को राजेश की भी हुई थी मौत
उर्वशी से पहले 50 वर्षीय राजेश कुमार की मंगलवार 1 सितंबर को मौत हुई थी। वह हादसे में बुरी तरह झुलस गए थे और उनकी हालत भी बेहद गंभीर थी। दोपहर करीब 1 बजे वेंटिलेटर सपोर्ट के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
बर्न यूनिट में तीन मरीजों का इलाज जारी
विस्फोट के बाद कुल पांच घायलों को एसआरएन अस्पताल लाया गया था। दो की मौत के बाद अब सविता, अनीता और पीहू का इलाज चल रहा है। फिलहाल तीनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। स्वरूप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. ए.के. वर्मा की निगरानी में ट्रामा, क्रिटिकल केयर, सर्जरी और अन्य विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तीनों मरीजों के इलाज में जुटी है।
हादसे में 14 लोगों की मौत, आरोपी के घर पर भी चला बुलडोजर
अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए इस विस्फोट में अब तक 14 लोगों की जान जा चुकी है। इसी बीच प्रशासन ने मंगलवार शाम मुख्य आरोपी आदिल के बेटे नौशाद के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की। करीब 72 वर्गगज में बने इस मकान में बेसमेंट के अलावा तीन मंजिलें थीं। बताया गया कि भवन का नक्शा प्रयागराज विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया था। हादसे के बाद प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है।