प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ विकास प्राधिकरण ने शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया। झलवा और पीपलगांव इलाके में करीब 26 बीघा जमीन पर बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान सड़क, प्लॉट और दूसरे निर्माण हटाए गए। कार्रवाई के दौरान कालिंदीपुरम में सरकारी जमीन पर बना एक रियल एस्टेट कार्यालय भी ध्वस्त किया गया।
अभियान की शुरुआत धूमनगंज के शद्दाब चौराहा, कालिंदीपुरम से हुई। पीडीए के मुताबिक, यहां 200 वर्गमीटर से ज्यादा सरकारी जमीन पर खालिद जफर की ओर से बनाए गए रियल एस्टेट कार्यालय को गिराया गया। प्राधिकरण ने बताया कि जिस जमीन पर कार्यालय बना था, उसकी कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक है। स्रोत के अनुसार खालिद जफर को अतीक अहमद का करीबी और उमेश पाल हत्याकांड में वांछित बताया गया है। इसके बाद टीम एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के भीटी असदुल्लापुर, शाह उर्फ पीपलगांव पहुंची।
पीपलगांव में खालिद जफर की ओर से करीब आठ बीघा में की गई प्लाटिंग को हटाया गया। इसके अलावा डॉ. कमरान, इमरान, जिशान उर्फ जानू और मोहम्मद नूह की ओर से करीब 10 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही प्लाटिंग पर भी कार्रवाई हुई। इसके बाद टीम यूनाइटेड मेड सिटी के सामने रावतपुर पहुंची, जहां फैज, मकसूद और मकबूल की करीब आठ बीघा जमीन पर चल रही प्लाटिंग में बने निर्माण हटाए गए और रास्ते साफ कराए गए।
पूरे अभियान के दौरान पुलिस बल के साथ पीडीए की प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही। जोनल अधिकारी सूरज पटेल के नेतृत्व में अवर अभियंता ई. विनोद कुमार गुप्ता, लेखपाल, सुपरवाइजर और अन्य कर्मचारी कार्रवाई में शामिल रहे। अधिकारियों के मुताबिक, इन स्थानों पर बिना अनुमति कॉलोनी विकसित की जा रही थी। शुक्रवार की कार्रवाई में करीब 26 बीघा जमीन को अवैध प्लाटिंग से मुक्त कराया गया।