प्रयागराज न्यूज डेस्क: यूपी के प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट से इलाके में हड़कंप मच गया। कौशांबी के मोहम्मदपुर गांव में दोपहर करीब साढ़े 11 बजे हुए धमाके में 8 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। हादसे में एक रेलवे कर्मचारी का पूरा परिवार खत्म हो गया, जबकि परिवार की सिर्फ एक बेटी बची है। धमाका इतना तेज था कि करीब 2 किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी और चारों तरफ धुएं का गुबार छा गया।
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई। करीब 100 मीटर के दायरे में बने 8 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 5-6 घर पूरी तरह ढह गए। कई मकानों की दीवारों में करीब 8 फीट तक के छेद हो गए। हादसे के बाद ग्रामीण झुलसे लोगों को चारपाई पर अस्पताल ले जाते नजर आए। 5 घायलों को प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बच्ची पीहू का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
धमाके का असर प्रयागराज-कानपुर रेल मार्ग पर भी पड़ा। करीब 500 मीटर दूर रेलवे की OHE लाइन प्रभावित होने से कानपुर से प्रयागराज आने वाली ट्रेनों का संचालन करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा। इंजीनियर्स ने मरम्मत कर लाइन को दोबारा चालू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, एयरफोर्स, NDRF और SDRF के करीब 200 जवान जुटे रहे और 10 बुलडोजरों की मदद से मलबा हटाया गया। प्रारंभिक जानकारी में एक महिला ने बताया कि फैक्ट्री के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों में चिंगारी निकली, जिसके बाद वहां रखे बारूद में जोरदार धमाका हुआ।
पुलिस के मुताबिक, करीब 600 वर्गफीट में बनी यह एक मंजिला फैक्ट्री अवैध थी और इसके आसपास नई बस्ती बस रही थी। फैक्ट्री मालिक आदिल, उसके पिता नौशाद, चाचा शकील और परिवार की तीन महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एक महिला को गिरफ्तार भी किया गया है। डीएम अमित पाल शर्मा ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और संपत्ति कुर्क करने की बात कही है। हादसे के करीब 8 घंटे बाद रात साढ़े 7 बजे फैक्ट्री से 400 मीटर दूर बने गोदाम को भी बुलडोजर से ढहा दिया गया।