प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने न्याय व्यवस्था और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। नए भवन की चाबी सौंपे जाने के कार्यक्रम में उन्होंने अधिवक्ताओं को बधाई दी और कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का गौरवशाली इतिहास देश की न्यायिक परंपरा की बड़ी धरोहर है। उन्होंने प्रयागराज को आस्था और न्याय, दोनों की समृद्ध परंपराओं से जुड़ा शहर बताया। राजनीतिक अंदाज में केशव मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि हर पांच साल में जनता की अदालत में जाते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा, “आप सबका मुकदमा लड़ते हैं, हम 2027 का मुकदमा आपकी अदालत में छोड़कर जा रहे हैं।” साथ ही उन्होंने सरकार के कामों के लिए समर्थन और आशीर्वाद मिलने की उम्मीद जताई।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ने पिछली सरकारों पर भी हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पहले यूपी में कानून का राज सिर्फ कागजों तक सीमित था और जमीन पर गुंडाराज चलता था, जिसमें प्रयागराज भी प्रमुख केंद्र रहा। केशव मौर्य ने कहा कि योगी सरकार की नीति साफ है कि निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा, जबकि दोषी के खिलाफ किसी भी कीमत पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कानून बनाना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन उसका फायदा समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिवक्ता अहम भूमिका निभाते हैं।
केशव मौर्य ने कहा कि न्याय व्यवस्था में सबसे जरूरी बात यह है कि कानून सभी के लिए बराबर हो। गरीब हो या प्रभावशाली, हर व्यक्ति को समान न्याय मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में ‘ईज ऑफ लिविंग’ के साथ डिजिटल व्यवस्था और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए ‘ईज ऑफ जस्टिस’ पर भी काम हो रहा है। उन्होंने पुराने औपनिवेशिक कानूनों की जगह लागू किए गए नए न्याय-केंद्रित आपराधिक कानूनों को न्याय व्यवस्था में बड़ा बदलाव बताया।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में उपमुख्यमंत्री ने 2017 से पहले प्रदेश के सामने मौजूद चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 में बीजेपी सरकार बनने के बाद इन चुनौतियों का सामना करते हुए कानून और न्याय व्यवस्था में कई बदलाव किए गए। केशव मौर्य ने बार और बेंच के बेहतर तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को सम्मान, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि आम लोगों को समय पर और आसानी से न्याय मिल सके।