प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में बुधवार सुबह हुई तेज बारिश ने नगर निगम की मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। देर रात से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। हालात ऐसे रहे कि लोगों को घरों से निकलने और दफ्तर पहुंचने तक में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे ज्यादा जलभराव करेली के मक्का मस्जिद और गौस नगर इलाके में देखने को मिला। इसके अलावा नेता गली, मदीना कॉलोनी, राजू हलवाई वाली गली, चौफटका, खुल्दाबाद, दारागंज, अल्लापुर, कटरा, सिविल लाइंस, जॉर्जटाउन, नैनी, झूंसी और पुराने कैंट क्षेत्र की कई सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं। सिविल लाइंस थाने के परिसर तक पानी पहुंच गया।
जलभराव का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। सिविल लाइंस, स्टेशन रोड, कटरा, दारागंज और करेली समेत कई व्यस्त मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और बाजार जाने वालों को घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा। कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जिन्हें लोगों ने धक्का देकर बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। नगर निगम नालों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन पहली ही तेज बारिश में शहर जलमग्न हो जाता है। इससे नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रयागराज और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में यदि जल निकासी की व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।