प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर से परेशान लोगों को रविवार को राहत मिली। बांध स्थित लेटे हनुमानजी मंदिर की चौखट तक पहुंचा गंगा का पानी अब पीछे लौट गया है। मंदिर में बड़े हनुमानजी को गंगा स्नान कराने की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, लेकिन जलस्तर घटने के बाद इसकी जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि, बारिश होने पर नदियों का पानी फिर बढ़ सकता है।
रविवार रात गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर घटकर 81.26 मीटर और यमुना का 12 सेंटीमीटर कम होकर 80.42 मीटर दर्ज किया गया। छतनाग में गंगा का जलस्तर 13 सेंटीमीटर घटकर 79.90 मीटर रह गया। वहीं, बक्शी बांध एसटीपी के पास भी पानी छह सेंटीमीटर कम हुआ है। शनिवार से यमुना के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई थी, जबकि रविवार से गंगा का पानी भी कम होने लगा।
पहाड़ों पर हुई लगातार बारिश के कारण पिछले करीब एक सप्ताह से गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई थी। अब दोनों नदियों का पानी कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन और सिंचाई विभाग हालांकि स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के एक्सईएन डीएन शुक्ला के मुताबिक, कानपुर बैराज से गंगा में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी कम हुई है। शनिवार को करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो रविवार को घटकर दो लाख क्यूसेक रह गया। वहीं, केन, बेतवा और चंबल नदियों का जलस्तर भी तेजी से घट रहा है, जिससे यमुना में भी पानी कम हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अब दोबारा बारिश होने पर ही नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।