प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में मानसून की धीमी रफ्तार और भीषण गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र की अधिकांश नहरें अब भी सूखी पड़ी हैं, जिसके कारण धान की नर्सरी तैयार करने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। खेत तैयार होने के बावजूद पानी की कमी से किसान बारिश और नहरों में पानी छोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं।
कई दिनों से पड़ रही तेज धूप और उमस के कारण खेतों की नमी लगातार कम हो रही है। किसानों का कहना है कि धान की बुवाई का उपयुक्त समय तेजी से निकलता जा रहा है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई और नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो इस बार धान की खेती और पूरे कृषि चक्र पर असर पड़ सकता है।
मांडा के किसान नेता राजेश्वर यादव और आंधी गांव के किसान हितेश उपाध्याय ने बताया कि खेतों की जुताई पूरी हो चुकी है, लेकिन सिंचाई के अभाव में नर्सरी नहीं डाली जा रही है। वहीं जिला पंचायत सदस्य मोतीलाल यादव ने प्रशासन से जल्द नहरों में पानी छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि बारिश में और देरी किसानों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।
नहर विभाग के जूनियर इंजीनियर एस.के. सिंह ने बताया कि जून के अंत तक नहरों में पानी छोड़े जाने की संभावना है। उन्होंने किसानों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि जल्द ही सिंचाई की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।