प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के नवाबगंज इलाके में 4,400 करोड़ रुपये की राम वन गमन पथ परियोजना के तहत बन रही सड़क में दरारें और टूट-फूट सामने आने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। अयोध्या से चित्रकूट को जोड़ने वाली करीब 210 किलोमीटर लंबी इस सड़क का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त हिस्से के वीडियो सामने आने के बाद ठेकेदार ने मौके पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क का निर्माण ठीक तरीके से नहीं हुआ है। कई जगह सड़क टूटी हुई है, डिवाइडर क्षतिग्रस्त हैं और बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के दौरान कई हिस्सों से सीमेंट और सड़क की सामग्री बह गई। लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण हादसे भी हुए हैं और कुछ लोगों की जान जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ठेकेदार के इंजीनियर ने सड़क को हुए नुकसान के पीछे भारी बारिश और पानी की सही निकासी नहीं होने को वजह बताया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ज्यादा बारिश के दौरान सड़क धंस सकती है और बाद में उसकी मरम्मत कराई जा सकती है। हालांकि, परियोजना के निर्माण के दौरान ही सड़क के क्षतिग्रस्त होने से ड्रेनेज व्यवस्था और काम की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों ने मामले की गंभीरता से जांच कराने और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में लापरवाही के साथ भ्रष्टाचार की भी आशंका है। लोगों का कहना है कि सड़क और पुल की मौजूदा स्थिति के कारण यह मार्ग सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने लायक नहीं रह गया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जिम्मेदार विभाग निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करता है।