प्रयागराज न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने प्रयागराज के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), नैनी में चल रहे कथित सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आईटीआई के प्रधानाचार्य, परीक्षा प्रभारी, चार प्रशिक्षक और पांच कथित सॉल्वर शामिल हैं। आरोप है कि ये लोग पैसे लेकर अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों से ऑनलाइन परीक्षा दिलवाते थे।
एसटीएफ के अनुसार, यह कार्रवाई बुधवार को आईटीआई नैनी परिसर स्थित कौशल विकास भवन में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम कुमार, रणविजय सिंह, जय सिंह, जितेंद्र पटेल, दिलीप कुमार पटेल, प्रधानाचार्य अशोक कुमार, परीक्षा प्रभारी रवि प्रकाश, प्रशिक्षक फूल प्रकाश, धीरज कुमार शर्मा, राजेश कुमार और राजकुमार मौर्य के रूप में हुई है। वहीं, इस पूरे रैकेट का कथित संचालक धीरेन्द्र कुमार फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि संस्थान के कुछ अधिकारी और कर्मचारी पैसे लेकर कमजोर अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाकर ऑल इंडिया ट्रेड टेस्ट-2026 की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) दिलवा रहे हैं। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5.10 लाख रुपये नकद, परीक्षा से जुड़े 67 दस्तावेज, पांच कंप्यूटर सेट, छह मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पेन ड्राइव, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य सामान बरामद किया। आरोपियों की व्यक्तिगत तलाशी में 16,370 रुपये भी मिले।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पढ़ाई में कमजोर अभ्यर्थियों से उनकी जगह परीक्षा दिलाने के लिए करीब 4,000 रुपये लिए जाते थे। यह रकम संस्थान के कर्मचारियों के माध्यम से इकट्ठी की जाती थी और बाद में सभी आरोपियों में बांट दी जाती थी। वहीं, परीक्षा देने वाले सॉल्वरों को प्रत्येक परीक्षा के लिए 500 रुपये दिए जाते थे।
एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार सॉल्वर अभ्यर्थियों की लॉगिन आईडी से परीक्षा में बैठते थे और उनकी जगह ऑनलाइन परीक्षा पूरी करते थे। मामले में नैनी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।